MP में पंचायत चुनाव पर कोर्ट का बड़ा निर्णय

 



ELECTION BREAKING : MP में पंचायत चुनाव पर कोर्ट का बड़ा निर्णय, शीतकालीन अवकाश के बाद होगी सुनवाई, माननीय मुख्य न्यायधीश ने कहा !... पढ़े खबर

MP में पंचायत चुनाव पर कोर्ट का बड़ा निर्णय, शीतकालीन अवकाश के बाद होगी सुनवाई, माननीय मुख्य न्यायधीश ने कहा !... 



मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी की जा चुकी है। वहीं HC में सुनवाई जारी है। चुनाव पर आज बड़ा निर्णय लेते हुए आरक्षण को चुनोती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई शीतकालीन अवकाश के बाद अर्थात 3 जनवरी के होगी। हाइकोर्ट के मुख्य न्यायधीश ने पंचायत चुनाव की याचिकाओं की त्वरित सुनवाई से इंनकार किया। इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश ने पंचायत चुनाव की याचिकाओं पर आफ्टर विंटर वेकेशन सुनवाई के आदेश दिए हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में तीन बार पंचायत चुनाव को लेकर होने वाली सुनवाई टाली जा चुकी है। जबकि बुधवार 15 दिसंबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जाने के निर्देश दिए हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि एक विषय पर दो न्यायालय द्वारा सुनवाई नहीं की जा सकती। वहीं आरक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। अब आरक्षण की प्रक्रिया 18 दिसंबर को होगी। मध्य प्रदेश पंचायत राज स्वराज अधिनियम की धारा 32 और मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन अधिनियम 1995 के अनुसार अध्यक्ष जिला पंचायत पदों पर आरक्षण की प्रक्रिया 18 दिसंबर को संपन्न होगी।

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में 15 दिसंबर को दोपहर 2:00 बजे से करीब 3:30 तक सुनवाई जारी थी। हालांकि बाद में इसकी सुनवाई रोक दी गई थी। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता सैयद जफर और जया ठाकुर ने एमपी पंचायत चुनाव में 2014 आरक्षण और परिसीमन को लेकर पंचायत चुनाव के विरुद्ध रिट पिटिशन याचिका भी दायर की है। इससे पहले मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस हाईकोर्ट पहुंच चुकी थी। हाईकोर्ट में चुनाव रोक लगाने की याचिका दायर की गई थी। जिसे हाईकोर्ट द्वारा इंकार कर दिया गया था।
 वही अब इस मामले में 7 दिसंबर को कांग्रेस नेता सैयद जफर और जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई जारी है।
मध्य प्रदेश सरकार ने 2019 में पंचायत चुनाव का आरक्षण निर्धारित किया था। इसके लिए अधिसूचना जारी की गई थी। हालांकि सरकार द्वारा पुरानी अधिसूचना को निरस्त किए बिना ही अध्यादेश के माध्यम से नहीं अधिसूचना जारी कर दी गई। जिसमें राज्य सरकार ने नवंबर 2021 में पंचायत चुनाव 2014 के आरक्षण के आधार पर कराने की घोषणा की थी। जिसके बाद से आरक्षण रोस्टर को लेकर पंचायत चुनाव का विवादित गरमाता चला गया।


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