BREKING NEWS :- गांधीसागर अभ्यारण्य वन क्षैत्र में तीन दिवसीय पक्षी गणना का समापन 13 मार्च को सम्पन्न हुआ
पूरन माटा :-गांधीसागर अभ्यारण्य वन क्षैत्र में तीन दिवसीय पक्षी गणना का समापन 13 मार्च को सम्पन्न हुआ । गांधीसागर अभ्यारण्य मे 11मार्च से 13 मार्च तक NGO इंदौर द्वारा चयनीत वन क्षेत्र मे पक्षी गणना का कार्य देशभर के विभिन्न राज्यों से आए (जिसमे एक विशेषज्ञ न्यूजीलैण्ड ) के ८० बर्ड विशेषज्ञो ने प्रात : 6:00 बजे से 10:00 बजे तक एवं सायं 4:00 बजे से 7:00 बजे तक दो पारियों मे ई एप द्वारा सर्वे कार्य किया । जिसमें 235 विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की गणना की गई है । जबकि फरवरी 2021 में की गई गणना मे 236 प्रजाति पक्षियों की गणना की गई थी । गेम रेन्जर पी एल रायकवार एवं अमित खन्ना ने जानकारी देते हुए बताया कि NGO इंदौर द्वारा उच्चाधिकारियों की अनुमति पश्चात् यह बर्ड सर्वे किया गया है जिसमें स्थानीय स्तर के वनविभाग के स्टाफ ने चयनीत एव निर्धारित रूट पर सर्वे कार्य किया गया है। अभी गणना मे 235 प्रजाति के पक्षियो की गणना के आंकडे NGO ने उपलब्ध करवाए गये है । जबकि लगभग एक सप्ताह मे वास्तविक गणना रिपोर्ट इनके द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी ,जिसमे प्रजाति वार एवं विलुप्त प्रजाति का बताया जाएगा ।13 मार्च को समापन अवसर पर वन विभाग विश्राम गृह पर मुख्य अतिथीअपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक उज्जैन श्रीमती कमालिका मोहन्ता,विशेष अतिथी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक इंदौर एस.एस मोहन्ता एवं अध्यक्षता डी.एफ.ओ. मंदसौर आदर्श श्रीवास्तव , गेमरेन्जर पी एल रायकवार एवं अमित खन्ना की उपस्थिती मे हुआ । जिसमे अपने उद्बोधन मे श्रीमती मोहन्ता ने पक्षियो के जीवन के बारे मे बताते हुए कहा कि हमारे जीवन मे इन पक्षियों का भी बहुमुल्य योगदान है जैसे हानिकारक जलीय जन्तुओ को खाकर जलीय पौधो की वृद्धि में इनका योगदान रहता है एवं कई प्रजातियों के फल खाकर उनके अंकुरण मे एवं परागण एवं बीजो के प्रकीर्णन मे इनकी महतवपूर्ण भूमिका रहती है। साथ ही आज चिंता का विषय है कि हमारे सामने कई संकटापन्न पक्षी जिसमे प्रमुखता से गिद्द प्रजाति का विलुप्ता से ग्रामो के बाहर मृत मवेशियों की देह की दुर्गन्ध एवं बीमारियों के विषाणुओं की उत्पत्ति से मानव के स्वास्थ पर विपरीत प्रभाव पड रहा है। इसी के साथ अतिथियों द्वारा वर्ड विशेषज्ञो के साथ स्थानीय विभागीय कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गये । कार्यक्रम के अंत में आभार गेम रेन्जर पी एल रायकवार ने व्यक्त किए ।