केंट थाने में पदस्थ आरक्षक आजाद शत्रु और राजेश भाटी पर लगे अवैध वसूली के आरोप, कलेक्टर की जनसुनवाई में पंहुचा मामला, उच्च अधिकारी को भी हुई शिकायत



नीमच। आज कलेक्टर की जनसुनवाई में केंट थाने में पदस्थ दो आरक्षक आजाद शत्रु,एवम राजेश भाटी की शिकायत पंहुची। साथ ही पुलिस के उच्च स्तर के अधिकारी तक भी इन दो आरक्षक की शिकायत पंहुची शिकायत पंहुचने के बाद जांच के बाद इन पर गाज गिर सकती हैं। दर असल मामला अल्कोलाईड कालोनी निवासी सचिन सैनी पिता दशरथ सैनी ने कलेक्टर दिनेश जैन के नाम आवेदन देकर बताया कि उसके साथ कैंट थाने के दो आरक्षक द्वारा डरा धमका कर अवैध रुपये वसूलने व झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी  है ।  केंट थाने में पदस्थ 2 पुलिस कर्मियों पर झूठे केस में फसाने व अवैध रूप से रुपयों की मांग करने का एक मामला मंगलवार को सामने आया है जिसमे पीड़ित व्यक्ति द्वरा कलेक्टर की जनसुवाई में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई गई है दिए गए आवेदन नीमच की अलकोलाइट कॉलोनी निवासी सचिन सैनी पिता दशरथ सनी ने बताया कि उसको कैंट थाने के दो आरक्षक द्वारा डरा धमका कर अवैध रुपये वसूलने व झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही सचिन ने बताया कि वह कॉस्मेटिक की दुकान संचालित करता है। और नीमच का निवासी है और मेहनत करके अपनी दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। नीमच कैंट थाने में पदस्थ आरक्षक अजातशत्रु व राजेश भाटी आए दिन मुझे परेशान करते हैं और अवैध रुपयों की मांग करते है। इन पुलिसकर्मियों द्वारा बेवजह 10 से 20 हजार रुपये की मांग की जाती है नहीं देने पर महिला संबंधित झूठे अपराध में फसाने व एनडीपीएस का केस दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। 


उपरोक्त पुलिस कर्मियों द्वरा 28 जून बुधवार को रात्रि 8:00 बजे अपनी दुकान बंद कर घर जा रहा था तभी मुझे रास्ते में उपरोक्त दोनों पुलिसकर्मी मिले और मुझे जबरन गाड़ी पर बैठाया और कहने लगे कि थाने चल टीआई साहब बुला रहे हैं। मेने जब पूछा के किस बात के लिए मुझे ले जा रहे हो कोई आदेश है क्या तो उन आरक्षक द्वारा मेरे साथ गाली गलौज की गई और मेरा मोबाइल छीन लिया और थाने नही ले जाकर बाजार में ही घुमाते रहे और रुपए की मांग करने लगे। मारपीट कर छीना छपटी की गई। और मेरी जेब में दुकान के 27 हज़ार 300 रु थे वह भी इन पुलिसकर्मियों द्वारा छीन लिए गए। जब मेरे परिवारजन मुझे ढूंढने आए तो उन्हें पता चला कि पुलिस कर्मी द्वारा मुझे जबरन ले गए। तब मेरे परिवार वाले थाने पहुंचे और जवाब मांगा कि किस दोष में लाया गया है। जसके बाद भीड़ जमा होने लगी तो इन पुलिसकर्मियों द्वारा मुझे छोड़ दिया। केंट थाने में पदस्थ अजाक शत्रु और राजेश भाटी द्वारा मेरे मोबाइल में व्हाट्सएप चैट भी डिलीट की गई। और मोबाइल वापस दिया परन्तु पैसे वापिस नही दिए। मोबाइल में डिलीट किए सभी साक्ष्य मेने स्क्रीनशॉट पहले ले लिए थे और बैक अप डाटा ऑन कर रखा था जिससे वह समस्त पुनः आ गए। उपरोक्त मामले को लेकर पीड़ित द्वरा कलेक्टर से न्याय की मांग करते हुए कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों पर सख़्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इन पुलिस कर्मियों से मुझे जान माल का खतरा है। इनके द्वारा किसी भी झूठे प्रकरण में मुझ प्रार्थी को फंसाया जा सकता है।

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