BREKING NEWS :- बागरी समाज मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के भाजपा और कांग्रेस के समीकरण बदलेगा बागरी युवा शक्ति संगठन

भोपाल:-मध्यप्रदेश होने वाले विधानसभा चुनाव में बागरी समाज 20 विधानसभा 20 उम्मीदवा के माध्यम से चुनाव में दिखेगा जब कि मध्यप्रदेश भाजपा ने अपनी पहली लिस्ट जारी कि है पर बागरी समाज को एक भी टिकट नहीं है जब कि 04विधानसभा क्षेत्र में 50हजार से अधिक बहुमुल्य है जिसमें विधानसभा क्षेत्र सोनकच्छ, घाटिया, तराना, गन्नौर है बागरी समाज के संगठन बागरी युवा शक्ति मध्यप्रदेश अध्यक्ष कपिलसिंह बागरी इन्दौर ने बागरी समाज के उम्मीदवारों की चिन्ता जाहिर की उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नाराजगी जाहिर की उन्होंने कहा कि देश को आजादी 76साल होने के बाद भी बागरी समाज संघर्ष ही कर रहा है जब मध्यप्रदेश में विधानसभा क्षेत्र में बहुमुल्य है उसके बाद भी बागरी समाज को वोट बैंक समजा जा रहा है पर अब बागरी समाज यह सहन नहीं करेगा। अब हम 20 विधानसभा पर चुनाव लड़ेगे।

बागरी युवा शक्ति (बागरी समाज) मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में उतरेगी चुनावी अखाड़े में, 20 से अधिक सीटों पर आजमा सकती है किस्मत

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 का मुकाबला बड़ा रोचक होने वाला है। बागरी युवा शक्ति आगामी 2023 के विधानसभा चुनाव में 20 अनुसूचित जाति आरक्षित और समाज के प्रभाव वाली सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
एमपी में बागरी समाज वोटरों को साधने में जुटी बीजेपी-कांग्रेस को चुनौती देने बागरी युवा शक्ति (बागरी समाज ) ने भी तैयारी शुरू कर दी है। बागरी समाज आगामी 2023 के विधानसभा चुनाव में 20 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों और समाज के प्रभाव वाली सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
मध्य प्रदेश में अभी बागरी समाज से एकमात्र विधायक शिवदयाल बागरी हैं। मध्य प्रदेश के सभी क्षेत्रों से बागरी युवा शक्ति (बागरी समाज) संगठन के निर्वाचित सरपंच, जिला जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत अध्यक्ष नगर निगम में जीत हासिल की।
बागरी युवा शक्ति संगठन मध्यप्रदेश अध्यक्ष कपिलसिंह बागरी इन्दौर ने बताया कि गांव की सरकार से संसद तक राजनीति में बागरी युवाओं की हिस्सेदारी एवं बागरी युवा शक्ति मिशन युवा नेतृत्व के लिए आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023, लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर रणनीति तैयार की गई।
कपिलसिंह बागरी इन्दौर बताया कि संगठन अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित और प्रभाव रखने वाली सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इसके लिए अभी से विधानसभा स्तर पर उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार करना, चुनाव की रणनीति तैयार करना, बूथ स्तर की कमेटियां गठित करना, सभी पंचायतों में बागरी युवा शक्ति युवाओं द्वारा सामाजिक, राजनीतिक एवं संवैधानिक जनजागरूकता फैलाना, पंचायत स्तर की चुनावी टीम गठित करना तय किया गया।

प्रदेश में बागरी समाज की बड़ी आबादी होने से 230 विधानसभा में से 30 सीटों पर उनका सीधा प्रभाव है ऐसे में इन सीटों पर बागरी समाज की संख्या बढ़ती है तो बीजेपी और कांग्रेस के लिए सरकार बनाने की चुनौती होगी। बता दें बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दल बागरी समाज को वोट बैंक समजती हैं
बागरी युवा शक्ति अध्यक्ष कपिलसिंह बागरी इन्दौर बताया कि देश की आजादी के 76 साल हो जाने के बाद भी हमारे मध्यप्रदेश में बागरी जाति विकास के बारे में हमें बहुत कुछ सोचने के लिए मजबूर कर देती है ! क्या सच में आजादी के 76 साल हो जाने के बाद आज भी देश के विशेषकर ग्रामीण अंचलों में बागरी समाज सहीं मायने में आजाद हो पाए हैं ? ये प्रश्नचिन्ह हम सबके सामने है !
बागरी समाज के परिवार के साथ अत्याचार होता है राज्य सरकारों के विकास के लंबे-चौड़े दावों की पोल खुल जाती है।बागरी समाज क्या वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया जाता है बागरी समाज अजादी 76 साल बाद भी राजनीतिक दलों को वोट बैंक ही लगता 
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