BREAKING NEWS:- आजादी के 77 साल बाद भी मूलभूत सुविधाएं के अभाव में जिंदगी जीने को मजबूर हुए ग्राम टोकरा के ग्रामीणजन....
सिंगोली से @ख्वाजा हुसैन की रिपोर्ट पड़े ये खबर !
सिंगोली/नीमच(मप्र):-:- एक ओर देश आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव मनाने की गर्मजोशी में हैं, वहीं मौजूदा सरकार द्वारा गाँव गाँव विकास यात्रा निकाली जा रहीं हैं लेकिन !
आजादी के 77 वर्ष पूरे होने पर भी जिला नीमच के कई गांव ऐसे हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं से ग्रामीण वंचित हैं। सड़क, बिजली, पानी और आवास योजना की सुविधा लोगो को नहीं पहुंच पा रही है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपेक्षा का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला नीमच जिले के सिंगोली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत शेनातलाई का आश्रित गांव टोकरा का है।
शेनातलाई पंचायत के इस गांव के लोग विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। सिंगोली से 4 किमी दूर ग्राम पंचायत शेनातलाई के आश्रित गांव टोकरा के लोग वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। पेयजल, आवास योजना, गाँव के बस्ती जाने के मुख्य मार्ग एवं शमशान घाट, प्राचीन माताजी मंदिर तक सड़क, जैसे सरकारी योजनाओं की लाभ व सुविधाओं से वंचित है। गांववालों को मताधिकार तो मिला है, लेकिन यहां के वोटर केवल वोट बैंक बन कर रह गए हैं और इसका लाभ चुनाव लड़ने वालों तक ही सीमित है। शेनातलाई पंचायत में वर्षो से फण्ड अभाव से विकास न होने का खामियाजा यहां के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। व सरकार कि कल्याणकारी योजनाओं से वंचित होने के कारण विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर अभाव में जिंदगी जीने को ग्रामीण मजबूर हैं।
बरसात मे गाँव से बस्ती में एवं शमशान घाट शवयात्रा व प्राचीन माताजी मंदिर जाने के लिए उबड़ खाबड़ रास्ते से गढ्ढो में पानी भरने , किचड़ व कटिली झांडियो में होकर गुजरना पड़ता है, बारह महीने पीने के पानी के लिए ग्रामीणों ने स्वयं के खर्च से आत्मनिर्भर बन ट्यूबवेल लगवाई गई जो की पीने के पानी का एकमात्र साधन है। ग्रामीणों ने बताया अक्टूबर नवम्बर लगने के साथ ही पानी की परेशानी होने लगती है जो आगामी बरसात तक बनी रहती हैं। पेयजल के लिए दो किमी की दूरी तय कर पानी लाते हैं। बच्चों कि शिक्षा के लिए यहाँ स्कुल तो है लेकिन शिक्षकों का आने का कोई टाईम टेबल निश्चित नही है, स्कुल की छत आधी गिरी हुई है व आधी बची है जिससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। बच्चों के पीने के पानी की टंकी पर ढक्कन तक नही है,वही आगनवाड़ी संचालित होने वाली बिल्डिंग की छत भी बारिश में टपकती है जिसका निजी खर्च से छत पर चद्दर डलाई गई है। इन मुलभुत सुविधाओं कि पुर्ति के लिए कई बार जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों को ग्रामीणों द्वारा अवगत कराया गया लेकिन जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण इन समस्याओं के निदान का आश्वासन तो देते है लेकिन इस दिशा मे कोई सार्थक प्रयास नहीं करते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को मुलभुत सुविधाओ की कमी से जुझना पड़ रहा है। जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
वही, मीडिया जब शेनातलाई आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों के भोजन कि व्यवस्था का जायजा लेने 12:30 बजे पहुंची तो भोजन की कुछ भी तैयारी नजर ना आने पर संवाददाता ने आगनवाड़ी संचालिका से चर्चा की तो आगनवाड़ी संचालिका कहना:- गैस की टंकी खत्म होने की बात बताई, टंकी आने पर भोजन बनेगा जबकि 1:00 बजे बच्चों को भोजन देने का समय होता है। वही पूरी छत बारिश में टपकने की बात भी सामने आई।
इधर मामले में शेनातलाई पंचायत सचिव का कहना है कि, इन समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है व आगे से इस कार्य हेतु कोई फण्ड अभी नही आया है, फण्ड जारी होते ही यह कार्य करवाया जायेगा ।प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत भी जो पात्र हितग्राही होगे उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जायेगा।
