BREAKING NEWS : - क्षेत्रीय सांसद एवं तत्कालीन विधायक डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद क्षेत्र के लिए क्या कुछ कर रहे हैं वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा काम को रुकवाने मैं अवरोध खड़ा कर वन विभाग आखिर या साबित करना चाहता है क्यों पड़े ये खबर !

BREAKING NEWS : - क्षेत्रीय सांसद एवं तत्कालीन विधायक डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद  वन विभाग  द्वारा काम को रुकवाने मैं  अवरोध  खड़ा कर वन विभाग आखिर या साबित करना चाहता है क्यों पड़े ये खबर  !

मध्य प्रदेश सरकार ने गो लंबा नाले से रावली कुड़ी अभ्यारण क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट से साडे 6 मीटर सड़क तथा 3.5 _3.5 मीटर साइड शोल्डर रोड बनाने की अनुमति दे रखी है वर्तमान में खराब रोड होने के कारण से माननीय विधायक महोदय धाकड़  एवं अनिरुद्ध  मारू  के द्वारा वह ठीक कराने का टेंडर निकल वाया ठेकेदार काम करने आ गया किंतु वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा काम को रुकवाने के लिए भोपाल वन विभाग से अनुमति मिलने तक काम नहीं करने तथा साइड के बड़े-बड़े गड्ढों को समतल करने के प्रयत्नों को रोक दिया गया उल्टा वन विभाग के द्वारा 5% राशि ठेके की मांग की जा रही है नया रोड बने तब सुप्रीम कोर्ट के आदेश  शर्तों के मुताबिक 5% राशि जमा कराने की बात जायज है किंतु गड्ढे भरना साइड सोल्डर में मिट्टी डालना उसके लिए कुछ तो भी फचर फंसा कर काम नहीं करने देना वन विभाग की फितरत हो गई है क्षेत्र में काफी दुर्घटनाएं हो रही है इसके अलावा इको पर्यटक परिपथ मैं पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र अनुरोध है वन विभाग के इस प्रकार के कृत्य की पुनरावृत्ति ना हो इस हेतु आवश्यक स्थाई निर्देश जारी हो ताकि सड़क विकास में वन विभाग अवरोध ना खड़ा कर सके क्या यही वजह है की वन विभाग अपनी मन मानी से क्षेत्र के विधायक और सांसद महोदय की बात तक नहीं मान रहे हैं जर्जर हो चुके  को बनाने में बाधा डाल रहे हैं वन विभाग के अधिकारी वन विभाग केवल गांधी सागर में ही है या भारत में, ओंकारेश्वर के पास बड़वा में भी अभ्यारण है जहां पर डैम पर जाने के लिए 9 मीटर चौड़ी सड़क बनी  एवं सैलानी टापू (एमपी टूरिज्म) है एवं सैकड़ों की संख्या में आश्रम व मंदिर बने हुए हैं एवं कई प्राचीन मंदिरों का निर्माण कार्य चल रहा है, गांधी सागर सैकड़ों लोगों की एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई इन वन विभाग के अधिकारियों के कारण यह बुद्धिजीवी कई वर्षों से बिना कारण रुकावट पैदा कर रहे हैं जबकि गांधी सागर अभ्यारण केवल नाम का अभ्यारण रह गया है खानापूर्ति के अलावा कुछ नहीं है अभ्यारण के नाम पर हमने पूरे देश में कई अभ्यारण देखें विषय गंभीर है क्षेत्र में कई प्राचीन मंदिर शैल चित्र ऐतिहासिक मूर्तियां वर्तमान में निवास कर रहे बच्चों का भविष्य क्षेत्रीय लोगों के लिए रोजगार एवं सबसे महत्वपूर्ण चंबल रॉक्स के एडमिन गोस्वामी जी द्वारा क्षेत्र की विशेषताओं को पर्यटन के लिए लाखों लोगों तक पहुंचाना इन सब बिंदुओं पर यह वन विभागीय अधिकारी पानी फेर रहे एवं सीधे-सीधे यह वन विभाग के अधिकारी सैकड़ों लोगों की एक्सीडेंट से हुई मौतों के दोषी हैं आस पास लोगो का कहां है की सरकार इसे गंभीरता से ले !

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