BREAKING NEWS:-जावद विधानसभा क्षेत्र के धार्मिक एव आस्था से जुड़े केंद्रों के महत्व को मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से नहीं मिला समुचित सम्मान -कांग्रेस नेता प्रकाश जैन रांका पड़े ये खबर !

BREAKING NEWS:-जावद विधानसभा क्षेत्र के धार्मिक एव आस्था से जुड़े केंद्रों के महत्व को मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से नहीं मिला समुचित सम्मान -कांग्रेस नेता प्रकाश जैन रांका पड़े ये खबर !


जावद विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता प्रकाश जेन रांका ने मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि, भाजपा धर्म और आस्था को केवल वोटो के धुव्रीकरण के लिए इस्तेमाल करती हैं । नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री उषा ठाकुर जी जिनके पास धार्मिक और पर्यटन मामले का विभाग हैं और श्री सकलेचा जी जिनके पास उद्योग विभाग हैं इसके बावजूद जिले ओर खासकर की जावद विधानसभा में न मंदिरों का उत्थान हुआ, नाही पर्यटन के केंद्र बने और नाही उद्योग खुले । श्री रांका ने कहा कि जावद विधानसभा क्षेत्र की बहुसंख्यक जनता की आस्था के केन्द्र के रूप में माँ मलादेवी, माँ बसदेवी, सुलाबावजी, मोड़ेश्वर महादेव, मिन्ढ़कीया महादेव, मोड़ी माताजी, गढ़ के बालाजी, इत्यादि कई धार्मिक महत्व के स्थलों के नाम मे गिना सकता हूँ जहाँ पर मध्यप्रदेश सरकार को पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए, श्रद्धालुओं को सुविधा हो इस प्रकार के कार्य किये जाने चाहिए और इन धार्मिक महत्व के स्थलों का महत्व समजते हुए योजनाबद्ध तरीके से जो कार्य करना चाहिए वहाँ मध्यप्रदेश की सरकार विफल हुई हैं। जावद विधानसभा क्षेत्र के साथ यह अन्याय हैं मध्यप्रदेश की अंतिम विधानसभा जावद जो राजस्थान राज्य के साथ अपनी अंतरराज्यीय सिमा सांझा करती हैं, जहाँ के तीर्थ क्षेत्रो पर समीपीय राजस्थान से भी श्रद्धालु आते हैं । श्री रांका ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश बड़े मंदिर अपने गौरवशाली इतिहास को बयां करते हैं और अपने महत्व को भी दर्शाते है । आज जहाँ महाकाल लोक के मामले में प्रदेश कि जनता की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ हुआ है तो वही जावद में इन तीर्थ क्षेत्रों को प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा अपने हाल पर छोड़ दिया गया हैं यह जावद विधानसभा के धर्मप्रेमीयो के साथ सरासर अन्याय हैं। समाजसेवियों एवं दानदाताओं के सहयोग से अधिकांश मंदिरों का जीर्णोद्धार हुआ है परंतु सरकार द्वारा वहा रोड की सुविधा, सावर्जनिक पेयजल की सुविधा, भी मुहैया नहीं कराई गई हैं ओर जहां यदा-कदा है भी तो वो भी सुचारू नहीं। श्री रांका ने यह भी कहा कि सरकार को तो यह सोचना चाहिए था कि पर्यावरण के रमणीय माहौल में स्थित इन आस्था के केंद्रों को पर्यटन और आस्था के महत्व के साथ विकसित करना चाहिए था जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ते एवं साथ ही इन धार्मिक महत्व के स्थलों की विरासत को भी आगे आने वाली पीढ़ी तक बढ़ाया जा सकता परन्तु बीजेपी सरकार ने इन स्थलों की सिर्फ अनदेखी ही कि है ।

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