BREAKING NEWS:-दिव्यांग दंपति दरबदर की ठोकरे खाने को विवश,मकान पर निजी फाइनेंस बैंक के द्वारा ताला लगाने के बाद परिवार की हालत खस्ता पड़े ये खबर!
भारत हलचल न्यूज़ भीलवाड़ा (ए.मलिक) आसींद उपखंड क्षेत्र की दातारा ग्राम पंचायत के अंतर्गत बड़ा खेड़ा गांव निवासी देवीलाल गुर्जर एवं उसकी पत्नी जो जन्म से ही दिव्यांग है अपने परिवार के साथ पशुओं के बाडे में रहने को विवश है निजी फाइनेंस बैंक के द्वारा दिव्यांग दंपति के परिवार को बाहर निकाल कर मकान को किया गया है सीज| पिछले 6 दिनों से दिव्यांग दंपति का परिवार पशुओं के बाडे में निवास कर रहा है, वही दिव्यांग देवीलाल गुर्जर उपखंड प्रशासन एवं जिला प्रशासन के कार्यालय के कई बार चक्कर लगा चुका है लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं हुई है , वही दिव्यांग दंपति का कहना है कि यदि दो दिवस में मकान के ताले नहीं खोले जाते हैं तो दिव्यांग दंपति परिवार सहित कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर बैठकर भूख हड़ताल करेगा दिव्यांगजन देवीलाल गुर्जर ने बताया कि उसके पिताजी ने बने हुए मकान पर 645000 का लोन लिया था , जिसकी 11 महीने तक 11622 रुपए की किस्त भी भरी जब तक पिता जीवित थे पिता के नाम पर ही लोन था वही बताया कि हम दोनों पति-पत्नी पिता की मृत्यु होने के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर जब बैंक में गए लेकिन तब पता चला कि लोन उनके नाम से था लेकिन बीमा मेरे नाम से कर दिया जब मेरे द्वारा बैंक से पॉलिसी मांगी गई तो पॉलिसी भी बैंक वालों के द्वारा नहीं दी गई बिना किसी सूचना और नोटिस दिए मेरे मकान को सीज करके ताला लगा दिया, मकान पर ताला लगाने के बाद से ही दिव्यांग दंपति का परिवार पशुओं के बाडे में रहने को विवश है आसपास के पड़ोसियों के द्वारा दिव्यांग दंपति के परिवार को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है , प्रदेश में पड रही भीषण चिलचिलाती गर्मी में जहां घर से बाहर निकलने तक की हिम्मत नहीं है उसे भीषण गर्मी में दिव्यांग दंपति पक्का परिवार लोहे के गर्म चद्दर के नीचे अपना जीवन यापन कर रहा है, दिव्यांग दंपति के परिवार के लिए बिजली पानी की सुविधा भी अभी उपलब्ध नहीं हो पा रही है , क्योंकि निजी फाइनेंस बैंक के द्वारा मकान को सीज कर रखा है इस वजह से किसी भी प्रकार की सुविधा का उपयोग दिव्यांग दंपति परिवार नहीं कर पा रहा है, गांव के ही मांगीलाल गुर्जर ने बताया कि दिव्यांग दंपति के परिवार को खाद्य सामग्री भी हमारे द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है, श्री राम गुर्जर ने बताया कि, दिव्यांग देवीलाल के पिता अंबालाल गुर्जर ने बने हुए मकान पर लोन लिया था जिनकी मृत्यु भी विगत तीन वर्ष पूर्ण हो गई है मकान के कागजात भी दिव्यांग देवीलाल गुर्जर के पिता के नाम पर थे वही नियमानुसार लोन लेने वाले की मृत्यु होने पर समस्त लोन माफ किया जाता है लेकिन कागजी खाना पूर्ति कर निजी फाइनेंस बैंक के द्वारा बीमा के नाम पर दिव्यांग दंपति परिवार को परेशान किया जा रहा है पिछले 6 दिनों से दिव्यांग दंपति परिवार चिंताग्रस्त रूप से जीवन यापन कर रहा है, दिव्यांग दंपति परिवार में छोटे बच्चों का पालन पोषण करना भी दुभर हो रहा है, वहीं दिव्यांग देवीलाल की मां बरजी देवी ने बताया कि मेरे पति ने जो बने हुए मकान पर लोन लिया था पर 11 माह तक किस्त भरने के बाद उनकी मृत्यु हो गई थी परिवार की सारी जिम्मेदारी मुझ पर आ पड़ी
वृद्धावस्था होने के कारण परिवार का पालन पोषण करने में असमर्थ हूं, प्रशासन एवं मुख्यमंत्री से निवेदन है की मेरे पति द्वारा लिए गए लोन को चुकाने के लिए एक निश्चित समय अवधि दी जाए जिससे लोन की मूलधन राशि प्रयास करके लौटाई जा सके |
