BREAKING NEWS:-*गांधी सागर अभ्यारण में सडक पर तेंदुआ मोटरसाइकिल सफर पर लगाई रोक पड़े ये खबर

BREAKING NEWS:-गांधी सागर अभ्यारण में सडक पर तेंदुआ मोटरसाइकिल सफर पर लगाई रोक पड़े ये खबर!



नीमच मंदसौर जिले के रामपुरा से होते हुए भानपुरा रोड के बीच गांधी सागर अभ्यारण पड़ता है दोनों तहसीलों को जोड़ने वाले गांधी सागर अभ्यारण के रामपुरा से गॉधीसागर मुख्य सडक किनारे पर एक तेंदुआ दिखने से दहशत फैल गई ' । किसी राहगीर ने वन विभाग को सूचना दी जिसे देख विभाग का अमला तुरन्त बताए गए लोकेशन पर पहुॅचा तथा वहाँ एकत्र भीड को हटाया गया तथा तेदुआ को अभ्यारण्य के जंगल मे छोड़ा गया । वन विभाग ने सुरक्षा को मददेनजर रखते हुए  दो पहिया वाहन सवार को दोनों तरफ बैरियर पर आवागमन कुछ समय के लिए बंद कर दिया था । सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांधी सागर अभ्यारण में तेंदुए रोड के पास ही देखे जाने लगे हैं  किसी पर भी हमला कर सकता है वन्य विभाग ने बाइक के लिए रोड बंद कर दिया गया था गांधी सागर बैरियल ओर रावली कुड़ी में नाके पर ही बाइक रोकी गई थी । वही दूसरी और रविवार प्रातः 6:00 बजे यही तेंदुआ रावलीकुडी बस स्टेण्ड स्थित दुकान पर पहुंच गया था कुछ देर वही घुमता रहा  चर्चा तो यह भी है कि इस तेंदुए ने किसी हो पहिया वाहन सवार पर भी हमला किया है । गेम रेन्जर अंकित सोनी ने बताया कि चीता प्रोजेक्ट मे प्रशिक्षण चिकित्सक टीम के वाहन पर भी तेदूए ने हमला किया है जिसमें एक स्टाफ को इस वन्य प्राणी के नाखुन से खरोंच आयी है । लोगो द्वारा संभावना भी जताई जा रही है कि वन विभाग द्वारा चीता बाडे से इन तेदुओ को हटाया जा रहा है जो जंगल से बाहर मुख्य रोड अथवा नजदीकी ग्रामीण अंचलो मे घुस रहे है । पूर्व मे आए दिन सडक किनारे तेंदुए दिखाई देते रहे है जो राहगीरो के लिए भय का वातावरण बना हुआ है ।          रेन्जर सोनी ने बताया कि पूरे गाँधीसागर अभ्यारण्य में लगभग सौ तेंदुए है जिसमै चीता प्रोजेक्ट बाडे स्थल से रह रहे तेंदुओं को बाहर अन्यत्र किसी अभ्यारण्य तथा राष्ट्रीय उधान मे छोडे जाएंगे क्योंकि चीता और  तेंदुआ एक साथ नही रख सकते है ।अधीक्षक राजेश मण्डावलिया का कहना है कि यदि कोई वन्यप्राणी रोड किनारे दिखाई देता है तो इस प्रकार से उसके आस पास हंगामा,हल्ला करने की बजाय चुप चाप वहां से निकल जाए। 

हल्ला मचाने से वन्य प्राणी तनाव में आयेगा और हो सकता है हमला भी करे। 

अगर हम मानव है ओर खुद को इस पृथ्वी का सबसे समझदार जीव समझते है तो वन्य जीव की रक्षा करना भी हमारा ही दायित्व है। 

साथ ही हमे ये भी एहसास होना चाहिए कि रोड जंगल के मध्य से गुजर रहा है ,अर्थात हम वन्य जीव के आवास मे है ना कि वन्य जीव हमारे घर मे।

और नया पुराने