रामपुरा/नीमच(मप्र):- जिला नीमच की रामपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम चचोर में झोला छाप डॉक्टर बंगाली द्वारा इलाज़ का खेल अनवरत जारी हैं, जो भोले भाले क्षेत्रीय ग्रामीणों को बरसो से अपने जाल में फांसे हुए हैं, सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम चचोर में बिना डिग्रीधारी डॉक्टर बंगाली विगत 10 वर्षो से 4- 5 बेड का क्लीनिक खोलकर क्षेत्रीय ग्रामीणों का ईलाज कर रहा हैं और मनमानी गोली दवाई देकर व इंजेक्शन बोतल लगाकर ईलाज कर रहा हैं। मीडिया द्वारा अचानक मुआयना करने पर पाया की ग्राम चचोर में विश्वजीत पारे उर्फ़ डॉक्टर बंगाली द्वारा विगत 8-10 वर्षो से क्लिनिक चलाया जा रहा हैं, जहां मौके पर 2 बुजुर्ग मरीजों का ईलाज हो रहा था जिसमें एक को बोतल लगी हुई थी और दूसरे को इंजेक्शन दिया जा रहा था। हॉस्पिटल में 4-5 बेड लगे हैं और एक केबिन में तथाकथित डॉक्टर की टेबल कुर्सी एवं ढेर सारी दवाईयां बोतल रखी हैं। उक्त मामले में मीडिया द्वारा तथाकथित बंगाली डॉक्टर से पूछने पर पल्ला झाड़ते और लाल पीले होते दिखाई दिए। ताज्जुब् की बात यह कि गांव वालो को आजतक ये नहीं पता कि ये डॉक्टर डिग्री धारी है या झोला छाप ?
ऐसे झोला छाप डॉक्टरों द्वारा क्षेत्र में अपनी अच्छी दुकानदारी चला रखी हैं साथ ही भोले भाले ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं ।शासन प्रशासन को चाहिए की इस और ध्यान दें।
