BREAKING NEWS :- गौ माता को लम्पी चर्म रोग से बचाने हेतु प्रशासन उठाये कदम-श्री बड़ोदिया गौ आरोग्य सेवा समिति ने मूक प्राणियों की सुविधाओं के संबंध में दिया ज्ञापन !

BREAKING NEWS :- गौ माता को लम्पी चर्म रोग से बचाने हेतु प्रशासन उठाये कदम-श्री बड़ोदिया गौ आरोग्य सेवा समिति ने मूक प्राणियों की सुविधाओं के संबंध में दिया ज्ञापन ! 

मन्दसौर। गौ आरोग्य सेवा समिति मंदसौर द्वारा मूक पशुओं (गाय, बैल, कुत्ता एवं अन्य पशुओं) पर होने वाली क्रूरता एवं वन्य जीवों, मूक प्राणियों की सुविधाओं के संबंध में ज्ञापन दिया गया। साथ ही गायों को होने वाली बीमारी लम्पी बिमारी जो अब मंदसौर जिले में भी फैलने लगी है उसके बारे में आगाह करते हुए प्रशासन एवं पशु पालकों से एहतियातन सावधानी बरतने की भी मांग की।

गौ आरोग्य सेवा समिति मंदसौर के अध्यक्ष ओम बड़ोदिया ने बताया कि प्रभारी श्री राजवर्धनसिंह, वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, पर्यावरण मंत्री श्री हरदीपसिंह डंग, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री यशपालसिंह सिसौदिया, कलेक्टर श्री गौतमसिंह, सीएमओ श्री पी.के. सुमन, पशु अधिकारी मनीष इंगोले को ज्ञापन के माध्यम से कहा कि म.प्र. में फैल रही गायों में ‘‘लम्पी’’ चर्म रोग (गूमड़ा फोड़ा) बीमारी गंभीर होने के साथ-साथ बहुत तेजी से फैल रहीं है मंदसौर नगर में वर्तमान में किसी भी गाय में यह बीमारी नहीं है। यह बीमारी गायों व अन्य जानवरों में न फैले इसके लिये पहले से ही सुरक्षित इंतजाम किया जाना आवश्यक है। साथ ही कहा कि मंदसौर जिले में पशुओं पर क्रूरता अधिक हो रही है जिसके रोकथाम हेतु कड़े प्रावधान बनाये जाये। मंदसौर में पशुओं के लिये नगरपालिका के पास कोई भी संसाधन उपलब्ध नहीं है। मंदसौर जिले में कुत्तों के लिए शेल्टर की व्यवस्था नहीं है। मंदसौर का पशु चिकित्सालय 24 घंटे खुला नहीं रहता है और डॉक्टरों की कमी के कारण सही समय पर इलाज नहीं होने से बेजुबान जानवरों की मृत्यु हो रही है। मंदसौर शहर में पशुओं को लाने ले जाने के लिये अभी तक एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है। कुत्तों के स्टेलाइजन (नसबंदी) का कोई भी अभियान अभी तक नहीं चलाया गया। पशुओं पर क्रूरता करने वाले आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही नही हो रही है जिससे कि बेजुबान जानवरों के प्रति अपराधियों का व्यवहार दिन प्रतिदिन खराब होता जा रहा है। मंदसौर शहर में पक्षियों के रहने के लिये पक्षी घर नहीं है जिससे कि बेजुबान पक्षी बारीश के मौसम में ईधर-उधर भटकते रहते है और बिजली के तारों पर बैठने से उनकी करंट लगने से मृत्यु हो जाती है इस कारण एक पक्षी विहार की आवश्यकता इस नगर को है।

साथ ही मंदसौर शहर में एक ऐसी जंतु शाला की व्यवस्था होना जरूरी है जिसमें हर प्रकार का वन्य जीव रह सके और जरूरत पड़ने पर इनका ईलाज भी इसी जंतु शाला के अंदर आसानी से हो सकें क्योंकि वर्तमान स्थिति में वन्य जीवों को जावरा की जंतु शाला में ले जाना पड़ता है और गंभीर बीमारी या अत्यधिक दुर्घटनाग्रस्त जीव को वहां तक ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बहुत बार तो ऐसी स्थिति निर्मित हो जाती है कि वन्य जीव को वहां पर ले जाते समय ही उनकी मृत्यु हो जाती है। मंदसौर शहर में अराजकता फैलाने वाले कुछ लोग बेजुबान जानवरों की सीएम हेल्प लाइन पर झूठी शिकायतें कर देते है और उनका खामियाजा नगरपालिका कर्मचारी द्वारा बेजुबान जानवर को भुगतना पड़ता है। ऐसे लोगों पर प्रशासन को सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिये और एक जांच कमेटी बनाकर ऐसी हरकत करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सरेआम कार्यवाही करनी चाहिये। मंदसौर शहर में गाय मालिकों के द्वारा अपनी गायों की देखभाल सहीं से नहीं की जाती है और वो सिर्फ गायों का दूध निकालकर उन्हें नगर की गलियों में भटकनें के लिये छोड़ देते है जिससे कि आये दिन शहर में दुर्घटनाएं होती रहती है और शहर का सौदर्यीकरण भी खराब होता है। इसलिये ऐसे गाय मालिकों के विरुद्ध की कानूनी कार्यवाही की जायें जिससे कि यह अपनी गायों को सुरक्षित स्थान पर रखें और नगरपालिका द्वारा ऐसी कमेटी का गठन किया जायें कि जिससे वो ऐसे गाय मालिकों पर दण्ड स्वरुप चालानी कार्यवाही कर सकें। मंदसौर शहर में वन विभाग के पास भी वन्य जीवों एवं जानवरों के लिये संसाधन की कमी है जिसे जल्द से पूरा किया जावें।

श्री बड़ोदिया ने सभी जनप्रतिनिधियांे एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की कि उक्त बातों पर जल्द से जल्द संज्ञान में लेकर कार्यवाही करके उक्त सुझावों को लागू करने का कष्ट करें। जिससे मूक पशुओं को होने वाली आंतरिक चोटो, बीमारियों, दुर्घटनाओं और इन पर होने वाले अत्याचारों से इन्हें बचाया जा सकता है।

ओम बड़ोदिया

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