BREAKING NEWS :- मामा की भांजिया का विद्यालय हो रहा है जर्जर,कभी भी कोई अनहोनी घटना हो सकती लोक निर्माण विभाग ने उक्त विद्यालय की इमारत को बताया अनुपयोगी पड़े ये खबर !

BREAKING NEWS:- मामा की भांजिया का विद्यालय हो रहा है जर्जर,कभी भी कोई अनहोनी घटना हो सकती  लोक निर्माण विभाग ने उक्त विद्यालय की इमारत को बताया अनुपयोगी  पड़े ये खबर !

रामपुरा :- शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामपुरा सन 1961 में निर्मित रामपुरा तहसील क्षेत्र का एकमात्र बालिकाओं की शिक्षण प्राप्ति का संस्थान है परंतु उक्त विद्यालय की कोई भी अधिकारी सुध लेने को तैयार  नहीं   विद्यालय भवन जर्जर की हालत  में होकर कभी भी गिर सकता है  लोक निर्माण विभाग ने उक्त विद्यालय की इमारत को अनुपयोगी प्रमाण पत्र डिस्मेंटल घोषित कर उक्त इमारत में विद्यालय नहीं लगाने के लिए विद्यालय प्रबंधन को कहा है परंतु फिर भी विद्यालय प्रबंधन के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यालय भवन उक्त अनुपयोगी भवन में ही संचालित हो रहा है साथ ही विद्यालय 3 भवनों में अलग-अलग स्थानों पर लगाया जाता है जहां भिन्न-भिन्न कालखंड के लिए बालिकाओं को भिन्न-भिन्न भवनों में जाना पड़ता है इसके साथ ही विद्यालय 200 बच्चों की क्षमता के लिए पर्याप्त माना गया है परंतु उक्त विद्यालय में भी  3 5 0 बालिकाएं अध्ययनरत है जिनके बैठने की व्यवस्था से लेकर मूलभूत व्यवस्था  तक विद्यालय में नहीं है उक्त विद्यालय में कला वाणिज्य विज्ञान एवं गणित संकाय की कक्षाएं संचालित होती है साथ ही विद्यालय में पूर्व में भी लेबोरेटरी भवन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों का व्रत कराया था परंतु कोई भी आशान्वित आश्वासन विद्यालय परिवार को अभी तक नहीं मिला है जब इस विषय में विद्यालय के प्राचार्य से चर्चा की गई तो विद्यालय के प्राचार्य आरएन चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि हमने वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जनप्रतिनिधियों को आवेदन देकर स्थिति से अवगत करा रखा है परंतु कहीं से कोई आशान्वित आश्वासन हमको नहीं मिला है मजबूरन हमको अनुपयोगी बिल्डिंग में ही विद्यालय संचालित करना पड़ रहा है विद्यालय मैं और भी बहुत सारी समस्याएं हैं जिनको लेकर हमने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया था विद्यालय 3 भवनों में संचालित होता है एवं बालिकाओं को भिन्न-भिन्न कालखंड के लिए भिन्न-भिन्न भवन में जाना पड़ता है इस दौरान कभी भी कोई अनहोनी घटना हो सकती है जिसको लेकर हम हमेशा परेशानी में रहते हैं फिर भी हम व्यवस्थाओं से तालमेल बिठाकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं

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