HELTH:- डॉक्टर बताते हैं सही तरीका हीटर चलाकर सोने से शरीर में छुपे डिहाइड्रेशन के खतरे !
सर्दियों में तापमान काफी कम हो जाता है, ऐसे में कई लोग रात में गर्माहट पाने के लिए हीटर चलाकर सोना पसंद करते हैं. ठंडे मौसम में कमरा जल्दी ठंडा हो जाता है, जिससे नींद आने में दिक्कत और सुबह थकान महसूस होती है. हीटर कमरे की हवा को गर्म और आरामदायक बनाता है, इसलिए लोग इसे लगातार चलाते हैं. खासकर बुजुर्ग, बच्चे और सर्दी-खांसी वाले लोग ठंड से बचने के लिए हीटर का उपयोग ज्यादा करते हैं. हालांकि, हीटर चलाकर सोने से शरीर को कई नुकसान हो सकते हैं. आइए जानते हैं.
हीटर लगातार चलने से कमरे की नमी कम हो जाती है और हवा सूख जाती है. इससे त्वचा, होंठ और गला सूखने लगता है और शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन धीरे-धीरे बढ़ सकता है. सूखी हवा से नाक में जलन, आंखों में खुजली और सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है. लंबे समय तक हीटर का इस्तेमाल सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं बढ़ा देता है. जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या सांस से जुड़ी दिक्कतें हैं, उनके लिए यह और ज्यादा हानिकारक हो सकता है. लगातार सूखी हवा में सोने से नींद की गुणवत्ता भी खराब होती है. इसलिए सर्दियों में हीटर का उपयोग सोच-समझकर और सही तरीके से करना जरूरी है. आइए इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं.
डॉक्टर से जानें कैसे करें हीटर का इस्तेमाल?
आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डॉ. सुभाष गिरी बताते हैं कि हीटर चलाकर सोने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है. कमरे की हवा को पूरी तरह सूखने से बचाने के लिए हीटर के साथ एक बाल्टी पानी या ह्यूमिडिफायर रखना फायदेमंद होता है. इससे हवा में नमी बनी रहती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है.
हीटर को पूरी रात फुल मोड में चलाने से बचें और इसकी जगह टाइमर या लो-मोड का उपयोग करें. सोने से पहले हल्का मॉइस्चराइज़र लगाना, पानी का सेवन बढ़ाना और कमरे में थोड़ी वेंटिलेशन बनाए रखना भी जरूरी है. अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए. सही और संतुलित तरीके से हीटर का उपयोग करने से इसके नुकसान काफी हद तक कम किए जा सकते हैं.
यह भी जरूरी
हीटर के साथ कमरे में एक बाल्टी पानी रखें.
फुल मोड की बजाय लो-मोड या टाइमर का उपयोग करें.
सोने से पहले मॉइस्चराइज़र लगाएं.
दिन भर पर्याप्त पानी पिएं.
कमरे में हल्की वेंटिलेशन बनाए रखें.
बच्चों और बुजुर्गों के कमरे में हीटर का उपयोग सीमित करें.
