BREAKIN NEWS :- पटाखों की गुंज रंग बिरंगी आतिशबाजी के साथ दहन किया रावण और मेघनाद पढ़े ये खबर !
रामपुरा नगर में दशहरा उत्सव धूमधाम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विजयदशमी सिर्फ इस बात का प्रतीक नहीं है कि अन्याय पर न्याय अथवा बुराई पर अच्छाई की विजय हुई थी बल्कि यह बुराई में भी अच्छाई ढूंढने का दिन होता है रावण को ना केवल शास्त्रों बल्कि 64 कलाओं में महारत हासिल थी बुधवार को देर शाम 8:00 बजे के लगभग स्थानीय दशहरा मैदान में दशहरा उत्सव समिति के तत्वाधान में 41फुट ऊंचे रावण के पुतले के साथ ही मेघनाद के पुतले का भी पटाखों की गुंज रंग बिरंगी आतिशबाजी के साथ दहन किया गया जिसको हजारों दर्शकों ने निहारा इससे पूर्व नगर के सुभाष क्लब मैदान से दशहरा उत्सव समिति के द्वारा राम लक्ष्मण के प्रतीक के रूप में नन्हे-मुन्ने बच्चों को बग्गी में सवार कर गाजे बाजे के साथ दशहरा मैदान तक लाया गया जहां पर रावण को राम ने तीर मार कर विधि विधान के साथ दहन किया इस अवसर पर नगर में प्राचीन काल से दशहरा पर्व पर एक अनोखी प्रथा प्रचलित है जिसमें जंगल से एक दरख्त की पत्ते लाए जाकर दशहरा मैदान में जगह-जगह बेचे जाते हैं जीन्हे सोना पत्ति कहा जाता है इस दरख़्त को आम भाषा में जिंजर के नाम से जाना जाता है इन पत्तो को श्रद्धालु गण बड़ी आत्मीयता के साथ श्रद्धा पूर्वक खरीद कर ले जाते हैं तथा एक दूसरे को यह सोना पत्ती भेंट कर दशहरे की बधाई शुभकामनाएं देते हैं इस सोनापत्ति को लंका जीत कर वहां से सोना लाने का प्रतीक माना जाता है यहां अनोखी प्रथा रामपुरा क्षेत्र में ही प्रचलित है,
