HELTH:- क्या पीले पेशाब का मतलब लिवर खराब होना है? AIIMS के डॉक्टर से जानें !
अगर आपको पीले रंग का यूरिन आ रहा है तो ये शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है, लेकिन क्या यूरिन का पीला रंग लिवर की खराबी का भी लक्षण हो सकता है? इस बारे में एम्स के डॉ. हिमांशु भदानी ने बताया है.
क्या यूरिन का पीला रंग लिवर की बीमारी का भी लक्षण है?
डॉ भदानी बताते हैं कि फैटी लिवर के कारण यूरिन का रंग बदल सकता है. इसके कोई दो राय नहीं है. फैटी लिवर के कारण यूरिन का रंगगहरा पीला या चाय के रंग जैसा हो सकता है. यह इस बात का संकेत है कि लिवर बिलीरुबिन को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पा रहा है, जिससे यह शरीर में जमा हो जाता है. यह लक्षण अक्सर लिवर संबंधी अन्य समस्याओं जैसे पीलिया (त्वचा/आंखों का पीलापन), थकान, हल्के रंग का स्टूल या पेट दर्द के साथ दिखाई दे तो इसको हल्के में नहीं लेना चाहिए. ये साफ संकेत है कि लिवर में खराबी शुरू हो गई है.
लिवर की खराबी का यूरिन के रंग से कैसे है संबध
डॉ भदानी कहते हैं कि ऐसा शरीर मेंबिलीरुबिन के जमने से होता है. एक स्वस्थ लिवर बिलीरुबिन को प्रोसेस करता है, लेकिन जब लिवर में कोई खराबी आ जाती है या उस पर काम का बोझ बढ़ जाता है, तो बिलीरुबिन खून में ज्यादा जमा हो जाता है. यहां से ये यूरिन के रास्ते बाहर आता है. इसके पीले रंग के कारण यूरिन भी गहरे पीले रंग का आता है. अगर यूरिन पीला है तो ये संकेत है कि खून में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ गई है, जो लिवर की खराबी का एक संकेत है.
यूरिन का रंग कैसा होना चाहिए
डॉ भदानी कहते हैं कि यूरिन न तो बहुत पीला और न ही बिलकुल सफेद होना चाहिए. ये हल्का पीले रंग का होना चाहिए. अगर ऐसा रंग है तो समझें कि शरीर में पानी की कोई कमी नहीं है और न ही बिलीरुबिन ज्यादा मात्रा में बन रहा है.