DHARMIK :- हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की कृपा पाने के लिए आज जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, दूर होंगे जीवन के सभी संकट !
हनुमान जयंती का दिन भगवान हनुमान के भक्तों के लिए बहुत ही खास माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत रखने और कथा पढ़ने से जीवन के सभी दुख, संकट और बाधाएं दूर हो जाती हैं और बजरंगबली का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.
मान्यता है कि उस प्रसाद का एक अंश एक पक्षी (चील) लेकर उड़ गया और पवन देव की सहायता से वह माता अंजना के हाथों में जा गिरा. माता अंजना ने इसे शिव का प्रसाद समझकर ग्रहण कर लिया. इसी के प्रभाव से चैत्र पूर्णिमा के दिन केसरी नंदन हनुमान जी का जन्म हुआ. चूंकि पवन देव ने इस प्रसाद को माता अंजना तक पहुंचाया था, इसलिए हनुमान जी को पवनपुत्र भी कहा जाता है.
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जब हनुमान जी ने सूर्य को समझ लिया फल
हनुमान जी के बचपन से जुड़ी यह कथा सबसे अधिक प्रचलित है. एक बार बचपन में हनुमान जी को बहुत तेज भूख लगी थी. आकाश में चमकते हुए लाल सूर्य को देखकर उन्हें लगा कि यह कोई मीठा फल है और वे उसे खाने के लिए उड़ चले.जब वे सूर्य को निगलने वाले थे, तब देवराज इंद्र ने उन्हें रोकने के लिए अपने वज्र से प्रहार किया.
वज्र के प्रहार से हनुमान जी मूर्छित होकर गिर पड़े. इससे क्रोधित होकर पवन देव ने पूरे ब्रह्मांड की वायु रोक दी. सृष्टि की रक्षा के लिए सभी देवताओं ने मिलकर हनुमान जी को होश में लाया और उन्हें अपनी-अपनी शक्तियां प्रदान कीं. भगवान ब्रह्मा ने उन्हें लंबी आयु और अजेय होने का वरदान दिया, जिससे वे बजरंगबली कहलाए.
इस दिन कथा पढ़ने का महत्व
हनुमान जयंती के दिन व्रत कथा पढ़ने से न केवल आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, बल्कि शनि दोष और मंगल दोष से भी मुक्ति मिलती है. संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक बजरंगबली का ध्यान करने से अकाल मृत्यु का भय भी समाप्त हो जाता है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी पौराणिक कथाओं पर आधारित है. भारत हलचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है.