BREAKING NEWS:- मुख्यमंत्री के नाम पटवारी संघ की 5 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन पड़े ये खबर !



रामपुरा/नीमच। मध्यप्रदेश पटवारी संघ, भोपाल के प्रादेशिक आव्हान पर प्रदेशभर के पटवारियों ने अपनी वर्षों से लंबित 5 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। संघ का कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित होने के बावजूद शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे पूरे प्रदेश का पटवारी संवर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है।

संघ के अनुसार, 8 जुलाई 2026 को जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपा गया था तथा 15 से 17 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर सांकेतिक आंदोलन भी किया गया। इसके बावजूद कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर अब चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है।

पटवारी संघ की प्रमुख 5 मांगें

1. कैडर रिव्यू एवं पदोन्नति लागू की जाए
पटवारियों की वर्षों पुरानी वेतनमान विसंगति दूर करने के लिए लंबित कैडर रिव्यू प्रस्ताव को तत्काल लागू किया जाए। साथ ही पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ शीघ्र प्रदान किया जाए।

2. नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा आयोजित की जाए
वर्ष 2018 के बाद से विभागीय परीक्षा आयोजित नहीं हुई है। परीक्षा जल्द कराई जाए तथा विभागीय विषयों के आधार पर पारदर्शी परीक्षा आयोजित की जाए।

3. जज प्रोटेक्शन एक्ट में पटवारियों को शामिल किया जाए
संघ का कहना है कि पटवारी केवल प्रतिवेदन प्रस्तुत करता है, जबकि निर्णय न्यायालय द्वारा लिया जाता है। इसके बावजूद कई मामलों में सीधे पटवारियों पर एफआईआर दर्ज हो जाती है। इसलिए तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की तरह पटवारियों को भी जज प्रोटेक्शन एक्ट का संरक्षण दिया जाए।

4. लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए
स्वामित्व योजना, कृषि संगणना, लघु सिंचाई संगणना, फार्मर आईडी कैंप सहित अन्य शासकीय कार्यों के वर्षों से लंबित मानदेय का भुगतान शीघ्र किया जाए।

5. संघ पदाधिकारियों के स्थानांतरण निरस्त किए जाएं
संघ का आरोप है कि स्थानांतरण नीति में छूट होने के बावजूद कई पदाधिकारियों का नियम विरुद्ध स्थानांतरण किया गया है। ऐसे स्थानांतरण निरस्त किए जाएं तथा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु नियमित परामर्शदात्री बैठकें आयोजित की जाएं।

चरणबद्ध आंदोलन

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

  • 20 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक सभी पटवारी काली पट्टी बांधकर अपने नियमित कार्य करते हुए विरोध दर्ज करेंगे।
  • इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
  • पदाधिकारियों के नियम विरुद्ध हुए स्थानांतरण :- मध्य प्रदेश पटवारी संघ भोपाल शासन द्वारा मान्यता प्राप्त संगठन है। जिनके पदाधिकारियों को शासन की स्थानांतरण नीति 2026 क्र. 35 अनुसार स्थानांतरण में छूट प्रदान की गई है। किंतु कर्मचारी हितों के संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाने के कारण पटवारी संघ के पदाधिकारियों को जिले के अधिकारियों द्वारा विशेष रुप से प्रताड़ित कर उनका स्थानांतरण नीति विरुद्ध किया गया है । जो खुद द्वारा अभ्यावेदन शासन की स्थानांतरण नीति के खिलाफ है जिला कलेक्टर महोदय को उनके प्रस्तुत करने के बाद भी कोई विचार, न्यायोचित कार्रवाई या जवाब भी नहीं दिया जा रहा है । जिसे संज्ञान में लेकर पटवारी संघ के पदाधिकारियों के नीति विरुद्ध स्थानांतरण निरस्त करने हेतु जिला कलेक्टर को निर्देशित किया जावे। इसी प्रकार कर्मचारियों की समस्यायों के उचित निराकरण हेतु परामर्शदात्री का भी नियमित आयोजन किया जावे। जिससे पटवारी संवर्ग अपनी उचित समस्या के निराकरण हेतु अपना पक्ष प्रस्तुत कर सके।
  • अतः माननीय मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन है कि मध्य प्रदेश पटवारी संघ को उनकी उक्त पांच सूत्रीय मांगों के निराकरण हेतु पटवारी संघ के पदाधिकारियों को आमंत्रित कर निदान करने का कष्ट करें या उक्त मांगों के निराकरण हेतु आदेश प्रसारित करने हेतु निर्देशित करने की कृपा करें। प्रदेश का समस्त पटवारी संवर्ग इस समय आपकी ओर आशाविन्त होकर देख रहा है। प्रदेश के पटवारियों की उक्त 05 सूत्रीय मांगों के यथोचित निराकरण हेतु संदर्भित जिलास्तरीय ज्ञापन दिनांक 08/07/2026 को दिया गया था जिसमें कोई भी कार्यवाही न होने के कारण मध्य प्रदेश पटवारी संघ भोपाल के प्रादेशिक आव्हान पर प्रदेश का समस्त पटवारी दिनांक 15/07/2026 से 17/07/2026 तक सांकेतिक आंदोलन के रूप में तीन दिवसीय सामुहिक अवकाश पर भी गया था, किंतु उसके सापेक्ष कोई सकारात्मक कार्यवाही न होने से प्रदेश का समस्त पटवारी निम्नानुसार चरणबद्ध आंदोलन हेतु बाध्य है।

पटवारी संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संघ के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया जाए अथवा पांचों मांगों के निराकरण के संबंध में शीघ्र आदेश जारी किए जाएं। संघ का कहना है कि प्रदेश का समस्त पटवारी संवर्ग शासन से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा कर रहा है। 

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