BREAKING NEWS:- वायदों में 'गौ-सेवा', हकीकत में 'मूक क्रंदन'जावद की कबीर मठ गौशाला में 6 गौवंश की मौत से गरमाई सियासत शिलालेख पर चमके थे दिग्गजों के नाम, जमीनी हकीकत में बेजुबानों के हिस्से आई सिर्फ तड़प!
चुनावी सुर्खियां बटोरने वाला 'घर-घर रोटी अभियान' कुछ ही दिनों में हुआ फुस्स
प्रशासनिक अमला मुस्तैद, एसडीएम बोले- होगी निष्पक्ष जांच, अध्यक्ष सोहन माली ने आरोपों को बताया राजनीति से प्रेरित
नीमच (सतीश सैन)।एक तरफ सूबे के मुखिया डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश को गो-संरक्षण और गो-संवर्धन में आदर्श राज्य बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी धरातल पर जिम्मेदार तंत्र की संवेदनहीनता के कारण मूक गोवंश तड़प-तड़प कर दम तोड़ने को मजबूर है।
ऐसा ही एक हृदयविदारक और व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला जावद नगर परिषद द्वारा संचालित 'श्री कबीर मठ गौशाला' से सामने आया है। यहाँ पिछले महज एक सप्ताह के भीतर 6 गौवंश की दर्दनाक मौत हो चुकी है। हाल ही में 5 दिनों के भीतर 4 और बीते दिन 2 और गायों के अवसान से समूचे क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
दिखावे की भेंट चढ़ी योजना, पट्टिका से 'गायब' हुई जिम्मेदारी
गौरतलब है कि इस कबीर मठ गौशाला का शुभारंभ 3 अक्टूबर 2022 को बेहद भव्य स्तर पर और बड़े-बड़े दावों के साथ किया गया था। इस योजना के शिलालेख पर तत्कालीन कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, सांसद सुधीर गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान, तत्कालीन भाजपा जिला अध्यक्ष पवन पाटीदार, जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण और नगर परिषद अध्यक्ष सोहनलाल माली जैसे दिग्गजों के नाम अंकित हैं। लोकार्पण के समय नगर परिषद अध्यक्ष सोहन माली ने घर-घर जाकर गोमाता के नाम से रोटी एकत्र करने का एक महत्वाकांक्षी अभियान भी शुरू किया था। परंतु, शुरुआती वाहवाही और अखबारों की सुर्खियां बटोरने के कुछ दिनों बाद ही यह अभियान पूरी तरह 'फुस्स' साबित हुआ और बेजुबानों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया।
कांग्रेस नेता प्रकाश राका के तीखे बाण: 'यह मौत नहीं, प्रशासनिक हत्या है
'इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर जावद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रकाश राका ने गहरा अफसोस जताते हुए सीधे सत्ताधारी दल और प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
प्रकाश राका ने तीखा प्रहार करते हुए कहा
, "एक सप्ताह के भीतर 6 गौ माता की भूख से तड़प-तड़प कर मौत होना जावद प्रशासन और नगर परिषद के लिए एक बहुत बड़ी और शर्मनाक चुनौती है। यह सामान्य मौतें नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और क्रूरता के कारण हुई सीधे तौर पर हत्याएं हैं।" उन्होंने सवाल दागा कि जब सरकार कागजों पर गौ-सेवा के नाम पर बड़े-बड़े बजट स्वीकृत करती है, तो कबीर मठ गौशाला में गायें चारे के एक-एक तिनके और बूंद-बूंद पानी के लिए क्यों तरस रही हैं? आखिर गोमाता के नाम पर आने वाला सरकारी पैसा किसकी जेब में जा रहा है?
एसडीएम संजीव साहू का सकारात्मक रुख: 'मूक पशुओं की सुरक्षा सर्वोपरि, जांच होगी पारदर्शी'मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जावद के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) संजीव साहू ने तुरंत प्रशासनिक मुस्तैदी का परिचय दिया है। एसडीएम संजीव साहू ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया, "गौशाला में गायों की मृत्यु की जानकारी मिलते ही प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बेजुबान गोवंश की सुरक्षा और स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मामले की तह तक जाने के लिए पशु चिकित्सा विभाग की टीम को तुरंत विस्तृत जांच और मेडिकल परीक्षण के निर्देश दे दिए गए हैं। गायों की मृत्यु का वास्तविक कारण क्या है, यह डॉक्टरों की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा। प्रशासन इस मामले में पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करवा रहा है। यदि रिपोर्ट में किसी भी स्तर पर चारे-पानी या प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हमारा मुख्य उद्देश्य गौशाला में हर गोवंश को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देना है।
"नगर परिषद अध्यक्ष सोहन माली का सकारात्मक वर्जन: 'गौ-सेवा ही मेरा संकल्प, सामग्री की कोई कमी नहीं
'वहीं दूसरी ओर, नगर परिषद अध्यक्ष सोहन माली ने गौशाला के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता जाहीर करते हुए विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा, "कबीर मठ गौशाला में गौमाता की देखरेख और सेवा सामग्री में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी गई है। गौशाला में पर्याप्त मात्रा में उत्तम चारा, शुद्ध पानी और पोषण सामग्री हमेशा उपलब्ध रहती है। कुछ गायों की मृत्यु सामान्य या गंभीर बीमारी के कारण इलाज के दौरान हुई है, जिसे विपक्ष द्वारा राजनीतिक रंग देकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। गौमाता की निस्वार्थ सेवा करना ही मेरा प्रथम लक्ष्य और संकल्प है और हम हर गोवंश को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सहायता पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत हैं।
