BREAKING NEWS:- हर्षोल्लास के साथ मनाया वाल्मीकि समाज ने गायत्री मंदिर मैं वाल्मीकि जयंती पड़े ये खबर

BREAKING NEWS:- बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया वाल्मीकि समाज ने गायत्री मंदिर मैं वाल्मीकि जयंती पड़े ये खबर !

रामपुरा मैं आज वाल्मीकि जयंती पर वाल्मीकि समाजजन द्वारा वाल्मीकि जयंती पर गायत्री मंदिर मैं समाज द्वारा एकत्रित होकर धूम धाम और ढोल नगाड़ों के साथ मनाई  जयंती पर की आखिर क्यों मनाई जाती है वाल्मीकि जयंती  एक दिन उनके जंगल से नारद मुनि निकल रहे थे. उन्हें देख रत्नाकर ने उन्हें बंधी बना लिया. नारद मुनि ने उनसे सवाल किया कि तुम ऐसे पाप क्यूँ कर रहे हो ? रत्नाकर ने जवाब दिया अपने एवम परिवार के जीवनव्यापन के लिए. तब नारद मुनि ने पूछा जिस परिवार के लिए तुम ये पाप कर रहे हो, क्या वह परिवार तुम्हारे पापो के फल का भी वहन करेगा ? इस पर रत्नाकर ने जोश के साथ कहा हाँ बिलकुल करेगा. मेरा परिवार सदैव मेरे साथ खड़ा रहेगा. नारद मुनि ने कहा एक बार उनसे पूछ लो, अगर वे हाँ कहेंगे तो मैं तुम्हे अपना सारा धन दे दूंगा. रत्नाकर ने अपने सभी परिवार जनों एवम मित्र जनों से पूछा, लेकिन किसी ने भी इस बात की हामी नहीं भरी. इस बात का रत्नाकर पर गहरा आधात पहुँचा और उन्होंने दुराचारी के उस मार्ग को छोड़ तप का मार्ग चुना एवम कई वर्षो तक ध्यान एवम तपस्या की, जिसके फलस्वरूप उन्हें महर्षि वाल्मीकि नाम एवम ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने संस्कृत भाषा में रामायण महा ग्रन्थ की रचना की.

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