BREAKING NEWS:- जान जोखिम में डालकर बिजली के खंभे पर चढ़ा कर्मी, गिरने से गंभीर हादसा 20 फीट ऊंचे खंभे पर चढ़ा आउटसोर्स कर्मी, गिरने से हालत गंभीर !

BREAKING NEWS:- जान जोखिम में डालकर बिजली के खंभे पर चढ़ा कर्मी, गिरने से गंभीर हादसा 20 फीट ऊंचे खंभे पर चढ़ा आउटसोर्स कर्मी, गिरने से हालत गंभीर !



रामपुरा में विद्युत व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला उस समय सामने आया, जब आउटसोर्स कर्मचारी मनीष आर्य बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण के बिजली के खंभे पर काम करने चढ़ा और करीब 20 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल मनीष आर्य को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिजली के खंभे पर काम करने वाले कर्मचारी को सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं?

अगर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे, तो कर्मचारी बिना उनके खंभे पर कैसे चढ़ा? और अगर उपकरण उपलब्ध ही नहीं थे, तो क्या यह सीधे तौर पर सिस्टम की गंभीर लापरवाही नहीं है?

एक कर्मचारी की जान जोखिम में डालकर काम करवाना आखिर कब तक चलेगा? हादसे के बाद सिर्फ इलाज और मुआवजे की चर्चा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है।

मनीष आर्य का 20 फीट से गिरना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करते हैं या फिर हर बार की तरह मामला कुछ दिनों बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

सवाल सीधा है—अगर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी आपकी है, तो कर्मचारी की जान की सुरक्षा कौन करेगा?

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